अमन कुमार ने राज्य युवा पुरस्कार की प्रतिमा जनपद की युवा शक्ति को समर्पित की
लखनऊ/बागपत, 19 जून। अपने जीवन के सबसे बड़े सम्मान को निजी संग्रह तक सीमित रखने के बजाय समाज के नाम समर्पित कर बागपत के युवा अमन कुमार ने एक अलग मिसाल पेश की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रदेश का सर्वोच्च युवा सम्मान, स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार, प्राप्त करने वाले ट्यौढ़ी गांव निवासी अमन कुमार ने शुक्रवार को पुरस्कार स्वरूप मिली स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा जिलाधिकारी अस्मिता लाल को सौंपते हुए इसे जनपद की युवा शक्ति के लिए जनधरोहर बनाने का आग्रह किया।
जनपद के पहले राज्य युवा पुरस्कार प्राप्तकर्ता अमन कुमार का कहना है कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं का प्रतीक है जो अवसर मिलने पर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि प्रतिमा को किसी सार्वजनिक स्थान पर स्थापित किया जाए ताकि युवा इससे प्रेरणा लेकर सकारात्मक कार्यों के लिए आगे आएं।
अखबारों से मिली जानकारी, बदल गई जिंदगी
ट्यौढ़ी गांव निवासी अमन कुमार का बचपन आर्थिक चुनौतियों के बीच बीता। परिवार की सहायता के लिए वह गांव-गांव साइकिल से अखबार बांटते थे। अमन बताते हैं कि उन्हीं अखबारों के माध्यम से उन्हें पहली बार सरकारी योजनाओं, युवा कार्यक्रमों और अवसरों की जानकारी मिली।
धीरे-धीरे वह युवा कल्याण विभाग और माय भारत से जुड़े। विकसित भारत संकल्प यात्रा, मेरी माटी मेरा देश, स्वयंसेवा और जनभागीदारी से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्होंने महसूस किया कि युवा केवल योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया के सहभागी भी बन सकते हैं।
खुद संघर्ष किया, फिर लाखों युवाओं तक पहुंचाई जानकारी
अमन ने महसूस किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली युवा केवल जानकारी के अभाव में अवसरों से वंचित रह जाते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने 'कॉन्टेस्ट 360' नामक डिजिटल मंच तैयार किया, जिसके माध्यम से शिक्षा, छात्रवृत्ति, करियर, इंटर्नशिप और अन्य अवसरों की जानकारी युवाओं तक पहुंचाई जाती है। इस मंच का लाभ अब तक 84 लाख से अधिक युवा उठा चुके हैं।
तकनीक से प्रशासन का सहयोग
योगी सरकार की डिजिटल गवर्नेंस की सोच से प्रेरित होकर अमन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर कई तकनीकी नवाचारों पर कार्य किया। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयार किए गए कांवड़ यात्रा ऐप का उपयोग साढ़े तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया।
इसके अलावा स्वीप बागपत ऐप, सूचना सेतु ऐप, बागपत फॉर एनिमल्स ऐप और ग्राम पंचायत फैजपुर निनाना की वेबसाइट जैसे प्रयासों के माध्यम से उन्होंने तकनीक को जनसेवा से जोड़ने का कार्य किया।
राज्य पुरस्कार से राष्ट्रीय मंचों तक
सामाजिक सेवा, स्वयंसेवा और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में किए गए कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनवरी 2025 में अमन कुमार को स्वामी विवेकानंद राज्य युवा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान प्राप्त करने वाले वह बागपत जनपद के पहले युवा बने।
इसके बाद उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। वह नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के सत्यार्थी समर स्कूल में चयनित हुए तथा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में टीम यूपी के ग्रुप कैप्टन के रूप में भी भूमिका निभाई।
कैसे आया पुरस्कार को जनधरोहर बनाने का विचार
अमन बताते हैं कि माय भारत से जुड़ने के दौरान उन्हें अपने मार्गदर्शक एवं डिप्टी डायरेक्टर अरुण तिवारी से यह सीख मिली कि किसी भी सम्मान की वास्तविक सफलता इस बात से तय होती है कि उससे कितने लोग प्रेरित होते हैं। बाद में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के विचारों और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा उपलब्धियों का श्रेय स्वयंसेवकों को देने की भावना ने उन्हें और प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि यदि एक सम्मान केवल किसी घर की दीवार तक सीमित रह जाए तो उसका प्रभाव सीमित रहता है, लेकिन वही सम्मान सार्वजनिक प्रेरणा बन जाए तो अनेक युवाओं को नई दिशा दे सकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने राज्य युवा पुरस्कार को जनधरोहर बनाने का निर्णय लिया।
पुरस्कार राशि से युवाओं तक पहुंचाएंगे विवेकानंद के विचार
अमन ने केवल प्रतिमा ही समाज को समर्पित नहीं की, बल्कि पुरस्कार के साथ प्राप्त प्रोत्साहन राशि का उपयोग भी युवाओं के वैचारिक विकास के लिए किया। इस राशि से स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित प्रेरणादायक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने युवाओं को पुस्तकें वितरित कर अध्ययन और आत्मविकास के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने सराही पहल
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि किसी युवा द्वारा अपने सर्वोच्च सम्मान को समाज और आने वाली पीढ़ियों की प्रेरणा के लिए समर्पित करना सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं में सकारात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी, माय भारत स्वयंसेवक, भारत स्काउट एवं गाइड के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।