बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर बी.एससी. नर्सिंग विद्यार्थियों का शोध अध्ययन सफलतापूर्वक पूर्ण

By InduPaper Editorial | Nathdwara, Rajsamand, Rajasthan | July 27, 2026 | Campus News

राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, नाथद्वारा के बी.एससी. नर्सिंग चतुर्थ वर्ष (सातवें सेमेस्टर) के विद्यार्थियों अर्जुन लाल चौधरी, अरविंद सैन एवं आशुतोष पंवार ने "बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट" विषय पर विद्यार्थियों के ज्ञान एवं व्यवहार का आकलन करने हेतु शोध अध्ययन सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय नाथद्वारा में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट पर शोध प्रस्तुति
बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट विषय पर शोध प्रस्तुति के दौरान (बाएं से) शोधार्थी अर्जुन लाल चौधरी, अरविंद सैन, आशुतोष पंवार, रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. विजय पूर्बिया एवं एक अन्य संकाय सदस्य।

इस शोध अध्ययन के अंतर्गत विद्यार्थियों के बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट संबंधी ज्ञान, सुरक्षित अपशिष्ट पृथक्करण, रंग-कोडिंग प्रणाली, संक्रमण नियंत्रण, अपशिष्ट निस्तारण की सही प्रक्रिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।

शोध की मुख्य बातें: इस अध्ययन में बायोमेडिकल वेस्ट पृथक्करण, रंग-कोडिंग प्रणाली, संक्रमण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यवहार का आकलन किया गया। शोध का मार्गदर्शन रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. विजय पूर्बिया ने किया।

शोध का उद्देश्य

अध्ययन का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक एवं सुरक्षित बायोमेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण एवं स्वच्छ वातावरण को बढ़ावा देना था। यह शोध रिसर्च कोऑर्डिनेटर डॉ. विजय पूर्बिया के शैक्षणिक मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

प्राचार्य एवं उप-प्राचार्य ने की सराहना

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार पुरोहित एवं उप-प्राचार्य श्री सुरेश चन्द्र सालवी ने विद्यार्थियों के इस शोध कार्य की सराहना करते हुए इसे नर्सिंग शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

साक्ष्य-आधारित नर्सिंग अभ्यास को बढ़ावा

महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के शोध अध्ययन विद्यार्थियों में अनुसंधान की भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यावसायिक दक्षता एवं साक्ष्य-आधारित नर्सिंग अभ्यास (Evidence-Based Nursing Practice) को प्रोत्साहित करते हैं। साथ ही ऐसे अध्ययन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, संक्रमण की रोकथाम तथा जन-जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अंत में महाविद्यालय परिवार ने सभी शोधकर्ताओं — अर्जुन लाल चौधरी, अरविंद सैन एवं आशुतोष पंवार — के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।