रावतसर सरकारी हॉस्पिटल में 15 दिनों से बंद पड़ी डायलिसिस
रावतसर सरकारी हॉस्पिटल में डायलिसिस सेवा पिछले 15 दिनों से ठप पड़ी है। डायलेजर, ट्यूबिंग सामान और RO फिल्टर खराब होने की वजह से किडनी रोगियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्या है मामला
रावतसर सरकारी हॉस्पिटल में डायलिसिस सेंटर की आपूर्ति में डायलेजर और ट्यूबिंग सामान खत्म हो गया है और साथ ही RO फिल्टर भी खराब पड़ा है। इन दोनों कारणों से डायलिसिस की सुविधा पूरी तरह ठप हो गई है।
जिन मरीजों को नियमित डायलिसिस की जरूरत होती है, वे अब निजी केंद्रों की ओर रुख करने को मजबूर हैं — जहां इलाज का खर्च उनकी आर्थिक क्षमता से कहीं ज्यादा है।
निजी कंपनी पर मनमानी का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार यह डायलिसिस सेंटर एक निजी कंपनी को सौंपा गया है। आरोप है कि कंपनी अपनी मनमर्जी से सेंटर को बंद कर देती है और समय पर न तो उपकरण बदले जाते हैं और न ही जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जाती है।
सरकारी हॉस्पिटल में निजी कंपनी द्वारा संचालित इस तरह के सेंटर में जवाबदेही का अभाव मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
मरीजों की मांग
स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि:
- तत्काल डायलेजर और ट्यूबिंग सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- खराब RO फिल्टर को जल्द से जल्द बदला जाए
- निजी कंपनी की जवाबदेही तय की जाए
- जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मामले में दखल दे
स्रोत: स्थानीय समाचार — रावतसर, हनुमानगढ़, राजस्थान।